भारतीय ऑफ-रोड रेसिंग की दुनिया में एक ऐतिहासिक पल आया है, जहाँ जयपुर मोटरसाइकिल क्लब ने अपने संस्थापक, जॉन सिंह की जयंती के उपलक्ष्य में ‘जॉन सिंह फेस्टिवल ऑफ स्पीड’ का सफल आयोजन किया। यह दो दिवसीय कार्यक्रम, जो 14-15 फरवरी को नायला में आयोजित हुआ, देश भर के 54 राइडर्स के लिए एक रोमांचक मंच साबित हुआ। इस आयोजन ने सीधे तौर पर भारतीय ऑफ-रोड मोटरस्पोर्ट्स की जड़ों को फिर से जीवित करने का काम किया है, जिसने दशकों पहले देश में मोटोक्रॉस की नींव रखी थी।
यह उत्सव सिर्फ रेसिंग इवेंट नहीं था; यह एक विरासत का सम्मान था। जयपुर मोटरसाइकिल क्लब, जिसे 1975 में स्थापित किया गया था और जिसे अक्सर भारत में मोटोक्रॉस का जन्मस्थान माना जाता है, ने Motorex और Big Bad Bikes के सहयोग से इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। जैसा कि मैंने इवेंट को करीब से कवर किया, मुझे महसूस हुआ कि जिस तरह के टफ कॉम्पिटिशन और कम्युनिटी स्पिरिट की कमी महसूस हो रही थी, वह यहाँ साफ झलक रही थी।
Detailed Analysis (विस्तृत जानकारी)
जॉन सिंह फेस्टिवल ऑफ स्पीड ने ऑफ-रोड रेसिंग के तीन मुख्य प्रारूपों को कवर किया: डर्ट-ट्रैक रेसिंग, मोटोक्रॉस, और एक थकाने वाली चार घंटे की एंड्यूरेंस रेस। इस इवेंट की सबसे खास बात यह रही कि हीरो मोटोकॉर्प ने भी अपने फैक्ट्री राइडर्स के साथ हिस्सा लिया, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊंचा हो गया। 54 राइडर्स की भागीदारी यह दिखाती है कि देश में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही प्लेटफॉर्म चाहिए। भारतीय सड़कों की चुनौतियों को देखते हुए, इस तरह के ऑफ-रोड इवेंट्स का होना राइडर्स के कौशल विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
धृतिमान सिंह ने इस फेस्टिवल में अपनी धाक जमाई, खासकर डर्ट ट्रैक फॉरेन क्लास और मोटोक्रॉस फॉरेन क्लास में उन्होंने जबरदस्त दबदबा बनाया। हालांकि, भारतीय एक्सपर्ट क्लास में हीरो के राइडर्स करण कुमार और कथिरोल सेंथिलकुमार के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, जो किसी भी ऑटोमोबाइल रेसिंग फैन को रोमांचित कर देगी।
✨ Key Highlights
- पुरानी विरासत का सम्मान: जयपुर मोटरसाइकिल क्लब के संस्थापक जॉन सिंह की याद में आयोजित, जो भारतीय मोटोक्रॉस का आधार है।
- उत्कृष्ट प्रतिस्पर्धा: डर्ट ट्रैक, मोटोक्रॉस और 4 घंटे की एंड्यूरेंस रेस सहित मल्टी-डिसिप्लिन इवेंट का आयोजन।
- हीरो मोटोकॉर्प की भागीदारी: फैक्ट्री राइडर्स की उपस्थिति ने इवेंट को राष्ट्रीय स्तर की मान्यता प्रदान की।
- एंड्यूरेंस रेस: हेडलाइन इवेंट में टीम ब्लू ने 151 लैप्स पूरे कर शानदार जीत हासिल की।
विभिन्न वर्गों के परिणाम: राइडर का प्रदर्शन
इस इवेंट में प्रदर्शन का स्तर काफी ऊंचा था। खास तौर पर, भारतीय एक्सपर्ट क्लास में करण कुमार और सेंथिलकुमार के बीच की लड़ाई मुझे बहुत पसंद आई। यह दिखाता है कि घरेलू टैलेंट कितनी मेहनत कर रहा है। वहीं, नोवाइस क्लास में रोहित चौहान और अभय सिंह जैसे नए नामों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। यह युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक है।
डर्ट ट्रैक और मोटोक्रॉस क्लास के प्रमुख विजेता
- डर्ट ट्रैक फॉरेन क्लास: धृतिमान सिंह (विजेता), करण कुमार (द्वितीय), योशवा लोबो (तृतीय)।
- मोटोक्रॉस फॉरेन क्लास: धृतिमान सिंह (विजेता), करण कुमार (द्वितीय)।
- डर्ट ट्रैक इंडियन एक्सपर्ट: करण कुमार (विजेता) ने सेंथिलकुमार को हराया।
- मोटोक्रॉस इंडियन एक्सपर्ट: सेंथिलकुमार ने वापसी करते हुए करण कुमार को पछाड़ दिया।
Pros & Cons (खूबियां और कमियां)
| 👍 Pros (अच्छा) | 👎 Cons (कमियां) |
|---|---|
| मोटरस्पोर्ट्स की जड़ों को मजबूती मिली। | केवल दो दिनों का आयोजन, अधिक इवेंट्स की आवश्यकता। |
| राष्ट्रीय स्तर के टॉप राइडर्स की भागीदारी। | शुरुआती आयोजन होने के कारण छोटे पैमाने पर व्यवस्थाएं। |
| चार घंटे की एंड्यूरेंस रेस एक शानदार अनुभव था। | अगले साल और अधिक प्रायोजकों की जरूरत होगी। |
भविष्य की योजनाएं और उपलब्धता
📅 उपलब्धता: यह एक विशेष आयोजन था, बिक्री के लिए कार या बाइक नहीं है।
हालांकि यह किसी नई गाड़ी की लॉन्चिंग नहीं है, लेकिन आयोजकों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जॉन सिंह फेस्टिवल ऑफ स्पीड को अब सालाना इवेंट बनाने की योजना है। यह खबर भारतीय ऑफ-रोड रेसिंग प्रेमियों के लिए किसी बड़े पुरस्कार से कम नहीं है। मेरा अनुभव बताता है कि जब जुनून और इतिहास साथ आते हैं, तो इवेंट अपने आप सफल हो जाता है।
❓ Frequently Asked Questions
Q1: जॉन सिंह कौन थे?
A: जॉन सिंह जयपुर मोटरसाइकिल क्लब के संस्थापक थे और उन्हें भारत में मोटोक्रॉस की शुरुआत करने वालों में से एक माना जाता है।
Q2: जॉन सिंह फेस्टिवल ऑफ स्पीड कहाँ आयोजित हुआ?
A: यह इवेंट जयपुर के पास नायला में आयोजित किया गया था, जो जेएमसी की यात्रा शुरू होने की जगह के करीब है।
Q3: क्या यह इवेंट हर साल होगा?
A: आयोजकों ने इसे वार्षिक (Annual) इवेंट बनाने की योजना साझा की है, जो ऑफ-रोड रेसिंग के लिए एक बड़ी जीत है।
Conclusion (मेरा फैसला)
जॉन सिंह फेस्टिवल ऑफ स्पीड ने सफलतापूर्वक दर्शाया कि भारत में ऑफ-रोड रेसिंग के लिए कितना गहरा उत्साह मौजूद है। भले ही यह नया आयोजन है, लेकिन जिस तरह से हीरो मोटोकॉर्प जैसे बड़े खिलाड़ियों ने इसमें हिस्सा लिया और छोटे स्तर के राइडर्स ने जबरदस्त प्रदर्शन किया, उसने मेरे जैसे अनुभवी पत्रकार को भी प्रभावित किया। यदि यह इवेंट वार्षिक रूप से जारी रहता है, तो यह निश्चित रूप से भारतीय मोटरस्पोर्ट्स कैलेंडर का एक प्रमुख आकर्षण बन सकता है। यह सिर्फ रेस नहीं थी; यह भारत में रफ एंड टफ राइडिंग कल्चर की वापसी का जश्न था।
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